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मिट्टी का मोल. आओ समझते है हमारे लिये मिट्टी क्या है

क्या है मिट्टी का मोल सोचो समझो गहराई से तो कह सकते हो इसको अनमोल,


 कितना भी रख दो खजाना इसके सामने फिर भी नहीं बना सकते इसके जैसा बोल,कुछ तो बात जरूर होगी इस मिट्टी में जो हम सब कह सकते हैं बेशक की मिट्टी है अनमोल,

मिट्टी का मोल
Values of the our land 


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मिट्टी की खासियत, सब कुछ तो मिट्टी से ही मिलता है इंसानों को, बिना मिट्टी के वो कहीं और से हासिल कर ही नहीं सकते, 

 हम जो भी खाते हैं वह हम कहां से लाते हैं जो भी होता है एक नेचुरल तरीके से उगा हुआ होता है और कोई ऐसी चीज नहीं होती जो क्या बिना मिट्टी के ऊपर उग आई हो हमारे जीने का सहारा है अगर हमें ना मिले तो हमको बहुत दिक्कत हो सकती है शायद जीने में मुश्किल हो

 हमारा घर जिस चीज पर बना होता है वह जगह भी मिट्टी की ही होती है अगर शायद मिट्टी ही ना होती तो सोचो हम अपना घर किस चीज पर बनाते हैं क्या कोई और हमारे लिए बंदोबस्त किया जाता या कोई और जरिया था पर नहीं मिट्टी ही हमारा सब कुछ है और मिट्टी से ही हमारा जरिया बना था

 मैं तुम्हें एक एक करके मिट्टी के सभी वह फायदे और गुण बताता हूं जिसके कारण यह दुनिया आबाद है और ना जाने कितने बरस तक रहे क्या जाने कब खत्म हो जाए हम तो गुजर जाएंगे लेकिन हमारे जो आने वाले हैं वह अपने वक़्तों को जिएंगे और जब वह जिएंगे तो उनका टाइम उनका वक्त कुछ और होगा और जो हम जी चुके हैं हमारा वक्त हमारा टाइम कुछ और ही है लेकिन यह दुनिया एक मुकम्मल टाइम तक चलती रहेगी 

और यह भी सच है कि एक ना एक दिन हम सब दुनिया में जहां तक जो जो जिस को जानते थे या जो चेहरा हमारे सामने एक बार गुजरा या जो जो भी हमने देखा है वह सब लोग हमसे मिलते जुलते हमें ही दिखाई देंगे और उस वक्त हम सोचेंगे कि जो हम जी रहे थे वह क्या था कैसा था कि हमको कुछ खबर ही ना थी यह एक अजीब दुनिया है तो चलिए मैं तुम्हें अब सारी खासियत मिट्टी की बताता हूं

 सबसे पहले जब मिट्टी, पानी, हवा, आग, यह चार चीजें बनाई गई दुनिया में इंसानों को आबाद करने के लिए तो यह चार चीजें जरूरी थी. फिर दुनिया बनाने वाले ने अपना आशिया या  अपना नूर उन चारों के पास भेजा यह देखने के लिए की इन चारों में कौन सबसे बेहतर है.

क्योंकि बनाने वाला तो जानता है उनको किसने बनाया लेकिन वह बनाने बाद वजूद खुद आ गए तो नहीं जानते कि वह कैसे वजूद में आए तो इसलिए बस खुद से ही मतलब और खुद के ही बारे में जानते हैं कि हम हवा, आग, पानी, मिट्टी, है, 

शुरू शुरू में जब उनको पैदा  किया गया जिस तरह बच्चा पैदा होने के बाद मां-बाप और जमाने से सीखता है वैसा ही उन चारों का भी हाल था शुरू में क्योंकि उनको बहुत लंबे टाइम तक रहना था दुनिया में तो इसलिए बनाने वाले की आजमाइश और हिदायत जरूरी थी

 तो इसलिए अपना नूर भेजा और कहा जो तुझको पसंद आए वह मुझको बता आकर

 1/तो नूर गया और पानी के पास पहुंचा और कहा के अगर तुझको दुनिया में भेजा गया तो तू क्या करेगा. पानी ने कहा लगेगा दुनिया में जो कोई मुझको खुश कर करूंगा मैं वही समझूंगा जो अपने लिए बेहतर

 तो यह बात नूर को पसंद ना आई और कहा कि तेरे अंदर कितना एव है और तू कितना ही गलत है. कहां जब बंदे दुनिया में तेरे अंदर गंदगी भरेंगे तब हवा ही तुझको पाक करेगी तेरी क्या औकात कि तू खुद अपने दम पर अपने को पाक कर सके बिना हवा के. पानी फिर मान गया और जान गया कि उसके बनाने वाला भी कोई है और जो उस पर हर तरीके से कादिर है

2/ फिर हवा से भी उस नूर ने यह सवाल किया कि दुनिया में तुझको भेजा गया तो तू क्या करेगी. हवा ने भी वही जवाब दिया कि जो मेरी मर्जी होगी वही करूंगी मैं. नूर ने जवाब दिया जैसी फ़िज़ा हो तो वैसे ही बनती है दिखाई तो तू दे ही नहीं सकती जब जब तू चलती है तो तुझे किस बात का गुमान है. हवा ने भी हार मानी और अपने बनाने वाले को जान लिया कि उस से बढ़कर कोई नहीं

 3/वही सवाल फिर आग से किया गया कि दुनिया में तू क्या करेगी भेजा गया तुझको तो तो आग ने भी कहा कि जो मेरी मर्जी होगी वही करूंगी मुझे किसी और से मतलब क्या क्योंकि वह कुछ नहीं जानती थी कि उसको किसने बनाया तो इसकी यह बात सुनकर नूर ने जवाब दिया कि तू कितनी मगरूर है तुझे कितना खुद पर गुमान है तेरी औकात क्या है आग ने कहा मेरे अंदर क्या तुमने बुराई देखी है बताओ. नूर ने जवाब दिया और कहां रुस्से हवा है जिंदगी तेरी भुझा देगा तुझे पानी भला औकात ही क्या है तेरी. आग ने भी हार मानी और अपने बनाने वाले का इकरार किया और जान गई के सबसे बढ़कर एक वही है, 



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